1. Computer Virus वह होते है जो कंप्यूटर के कामो को बाधित करने के लिए बनाए गए होते है।
2. Computer Virus को ऐसा प्रोग्राम किया होता है कि वह खुद को कॉपी करता है और उसी के ज़रिये एक से दूसरे कंप्यूटर में जाता है।
3. Computer Virus अधिकतर पेन ड्राइव के माध्यम से ही फैलते है।
4. बहुत से लोग Malware और कंप्यूटर Virus को एक ही समझते है मगर ऐसा नहीं है दोनों अलग है।
5. Computer Virus 'Malware' का ही एक प्रकार है।
6. पहला PC Virus पाकिस्तान के दो भाईयो ने बनाया था।
7. Computer Virus की असल परिभाषा फ्रेंड कोहेन ने सन् 1985 में दी थी।
8. Computer Virus के होते हुए Data corrupt होना आम बात है।
9. Computer Viruses की वजह हर साल अरबो डॉलरो का नुकसान हो रहा है।
10. Von Neumann के self-reproducing computer program के डिजाईन को पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है।
11. पहले विंडोज वायरस का नाम WinVir था।
12. दुनिया में कोई भी ऐसा कंप्यूटर नहीं है जो पूरी तरह Computer वायरसो से सुरक्षित हो।
13. सबसे पहला कंप्यूटर वायरस Creeper Virus था जो सन् 1970 में देखा गया था।
14. Malicious software वो software होते है जो वायरस की तरह ही आपके computer या उसकी सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकते है। Malicious सॉफ्टवेर बनाने वाले ज़्यादातर मर्द 14-25 वर्ष के ही होते है।
15. अब तक बहुत कम ऐसी लडकिया पाई गई है जो Malicious सॉफ्टवेर बनाती हो।
16. फिलहाल Malicious सॉफ्टवेयर के 3 थ्रैट्स है जो viruses, worms, और Trojan horses है।
17. 70% वायरस राइटर्स(जो वायरस बनाते है) एक organized crime syndicate के लिए काम करते है।
18. सन् 1999 में Melissa नामक एक वायरस इतना प्रभावशाली था कि उसने माइक्रोसॉफ्ट और कई बड़ी-बड़ी कंपनियों को अपना इ-मेल सिस्टम बंद करने पर मजबूर कर दिया था।
19. अमेरिका के 40% घरेलु कंप्यूटर एक न एक कंप्यूटर वायरस का शिकार हो चुके है।
20. 90% ईमेल में Malware होता है।
21. Mydoom नामक एक अकेले वायरस ने करीब $38.5 अरब डॉलर का नुकसान किया था।
22. हर महीने करीब 6000 वायरस बनते है।
23. वायरसो से सबसे ज़्यादा खतरा अमेरिका को ही है।
24. सिर्फ ईमेल पढ़ने से वायरस हमारे कंप्यूटर में नहीं सकता बल्कि जब हम ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करते है तब हमारे कंप्यूटर में वायरस आता है।
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MAD BROS
Friday, 7 April 2017
जानिए वायरस क्या होता है
कैसे बचे इंटरनेट के खतरो से
परिचय
जितनी तेजी से इंटरनेट हमारे जीवन का अंग बन रहा है उतनी ही तेजी से उसके खतरे बढ़ रहे हैं। लेकिन यहाँ दिये गए कुछ सुझावों का पालन करने से बहुत से खतरों से बचाव संभव है।
1. अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें।
अनजान लिंक से सावधान रहें। इंटरनेट द्वारा किसी भी कंप्यूटर में वायरस भेजने का सबसे प्रचलित तरीका है कि आपसे किसी लिंक को क्लिक करने या फिर किसी संलग्न पत्र को खोलने के लिये कहा जाता है और ऐसा करते ही मल्वेयर (वायरस) आपके कम्प्यूटर में आ जाता है। सामाजिक मीडिया साइटों (जैसे फेसबुक, गूगल प्लस, ट्विटर आदि) के द्वारा वेब अपराधी, इन साइटों का प्रयोग करने वाले लोगों के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं और उनकी पसन्द के अनुसार छद्म लिंक भेजते हैं। अपनी पसन्द के लिंक अक्सर लोग क्लिक कर देते हैं और वेब-वायरस का शिकार बन जाते हैं।
2. हर साइट के लिये अलग पासवर्ड बनाएँ
ज्यादातर लोग जन्मदिन या नाम पर आधारित पासवर्ड बनाते हैं और एक ही पासववर्ड कई जगह प्रयोग में लाते हैं। इन्हें तोड़ना बहुत आसान होता है। सबसे मज़बूत पासवर्ड वे होते हैं जो किसी शब्दकोश में न मिलें। इसे बनाने का एक आसान तरीका है, आप किसी कहावत या मुहावरे को लें और उसके हर शब्द के पहले अक्षर को जोड़ कर नया शब्द बना लें। अब जिस साइट पर पासवर्ड का प्रयोग करना हो उसका पहला और आखिरी अक्षर इसके आगे और पीछे जोड़ दें।
3. प्रमुख ई-मेल खाते के पासवर्ड का प्रयोग सब जगह न करें
एक ही पासवर्ड का हर जगह प्रयोग खतरनाक हो सकता है। अगर कोई हैकर आपके प्रमुख ई-मेल का पासवर्ड तोड़ लेता है तो वह आपकी सभी अन्य साइटों का पासवर्ड बदल सकता है। अत: इस पासवर्ड का विशेष ध्यान रखें। यह पासवर्ड मुश्किल बड़ा और सबसे अलग होना चाहिये।
4. एन्टी वायरस का प्रयोग करें
हालाँकि एंटी वायरस की संख्या बहुत बड़ी है और रोज़ नये वायरस दिखाई पड़ते हैं फिर भी एंटी वायरस का प्रयोग ज़्यादातर मालवेयर और वायरस से सुरक्षा देता है। अपने एंटी वायरस को समय समय पर अपडेट करते रहे क्योंकि कम्पनियाँ नये सुरक्षा उपाय अपने सोफ्ट्वेयर में जोड़ती रहती हैं।
5. सामाजिक मीडिया पर अविश्वसनीय लोगों के आमंत्रण को स्वीकार न करें
फेसबुक, गूगल प्लस, ट्विटर, ऑरकुट आदि पर ऐसे लोगों के आमंत्रण स्वीकार न करें, जिन्हें आप ठीक से नहीं जानते हैं। बहुत से लोग वायरस नहीं भी भेजते लेकिन इस प्रकार की सामग्री प्रकाशित करते हैं जिसे आप अपने पन्नों पर प्रकाशित करना पसंद नहीं करते। अतः उनकी प्रोफाइल और पसंद को ठीक से देखे बिना उनके अनुरोध को स्वीकारना, अनजान व्यक्ति को घर बुलाने जैसा है।
6. सामाजिक साइटों पर सोच समझ कर लिखें
फेसबुक, ट्विटर इत्यादि सामाजिक साइटों पर लोग अपनी व्यतिगत जानकारी पोस्ट कर देते हैं जैसे फोन नम्बर, घर का पता, बैंक एकाउंट नम्बर इत्यादि। ध्यान रक्खें इसे सब लोग देख रहे
7. मोबाइल की सुरक्षा सुविधा का प्रयोग करें
कुछ मोबाइल कम्पनियाँ यह सुविधा देती है जिसमें मोबाइल खो जाने पर उसमें लिखी जानकारी को मिटाया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि मोबाइल में लोग पासवर्ड इत्यादि सहेज कर रखते हैं। यदि आपके मोबाइल में इस प्रकार की कोई सुविधा है तो उसकी जानकारी रखें और कठिन समय में उसका प्रयोग करें।
8. औनलाइन खरीदारी केवल सुरक्षित साइटों से करें।
सुरक्षित साइटों में कोने में ताले और चाभी का प्रतीकचिह्न बना होता है तथा इनके इंटरनेट पते में http की जगह https होता है। इसे देखना ना भूलें। शौपिंग प्रक्रिया के बीच यह बदल न जाय इसका भी ध्यान रक्खें। असुरक्षित साइटों से खरीदारी करते हुए आपके कार्ड का नंबर चोरी हो जाने का डर रहता है।
9. क्रेडिट कार्ड के दुरुपयोग की जिम्मेदारी बैंक नहीं लेगा
अगर आप अपनी असावधानी के कारण क्रेडिटकार्ड की किसी धोखधड़ी का शिकार होते हैं, जैसे कि आपका कार्ड नंबर चोरी कर के कोई अन्य व्यक्ति आपके धन का प्रयोग कर लेता है तो यह ना सोचें कि बैंक आपका पैसा वापस करेंगा, या वापस करवाने में मदद करेंगा। इस सम्बन्ध में बैंक नियमो को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समझ लें।
10. ‘पौप अप’ पर क्लिक न करें
किसी वेब पेज पर आने वाले पौप-अप खतरनाक हो सकते हैं। आपके क्लिक करते ही, यह मालवेयर या वायरस आपके कम्प्यूटर पर डाउनलोड कर देते हैं। इन पर कभी क्लिक न करें। साथ ही सर्वे फार्म के रूप में आए पौप अप में कोई व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नं. घर का पता आदि न दें।
11. सार्वजविक वाईफाई का प्रयोग करते समय सावधान रहें।
सार्वजनिक वाईफाई का प्रयोग करते समय कोई महत्वपूर्ण जानकारी न दें। अगर आप किसी मित्र से चैट कर रहे हैं तो ऐसे कनेक्शनों पर कोई पासवर्ड, क्रेडिटकार्ड नंबर या कोई अन्य जानकारी जिसे आप गुप्त रखना चाहते हैं, नहीं देनी चाहिये। ऐसे कनेक्शन भरोसेमन्द नही होते।
12. एक से ज्यदा ई-मेल एकाउंट बनाएँ।
बैंक कार्य, खरीददारी और सामाजिक नेटवर्क के लिये अलग अलग ई-मेल का प्रयोग करें। अगर आपके खरीददारी वाले ई-मेल में कोई पत्र बैंक द्वारा भेजा हुआ मिलता है तो आपको तुरंत समझ आ जाएगा कि ये नकली है। साथ ही एक ई-मेल एकाउंट हैक होने पर कम से कम दूसरे सुरक्षित रहेंगे।
13. पीसी की तरह मैक भी असुरक्षित है।
यह सच है कि अपराधी अधिकतर विंडोज़ जैसे अधिक प्रयोग होने वाले प्रोग्राम्स पर हमला करते है पर इसका मतलब यह नही कि मैक इस्तेमाल करने वाले कम्प्यूटर पूरी तरह सुरक्षित है। प्रमुख सुरक्षा सुझावों का हर कंप्यूटर पर पालन करना अच्छा है।
14. अपने कार्ड की जानकारी वेब साइट पर स्टोर न करें।
जिस जगह आपसे पूछा जाता है कि क्या भविष्य में इस्तेमाल के लिये आप क्रेडिट कार्ड विवरण स्टोर करना चाहते है वहाँ टिक न करें। इसी प्रकार सार्वजनिक कंप्यूटरों पर अपना पासवर्ड या ईमेल आई डी का विवरण स्टोर करना खतरे को निमंत्रण देना है।
15. डी एन एस से जुड़ें।
ओपन डीएनएस या नौर्टन कनेक्ट्सेफ सेवाएँ आपको गलत वेबसाइटों पर जाने से रोकती हैं। इसलिये इनमें से अपनी रुचि के अनुसार किसी सेवा का प्रयोग करें।
16. दो चरणों वाली सत्यापन प्रणाली लागू करें।
इस प्रणाली में पासवर्ड देने के बाद एक सत्यापन कोड आपके मोबाइल पर भेजा जाता है जिसको डालने के बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है। इस प्रकार की प्रणाली से युक्त साइटें सुरक्षित समझी जा सकती हैं।
17. अपने फोन व टेबलेट को लौक अवस्था में रक्खें।
बार बार पासवर्ड भरना और तब काम शुरू करना मुसीबत सा लगता है इसलिये बहुत से लोग अपना लैपटॉप या टैबलेट सारे दिन खुला ही रखते हैं। यह वेब अपराधियों को खुला निमंत्रण है। यदि आप एक दो घंटे के लिये ही सही अपने कंप्यूटर पर नहीं हैं तो इसे बंद कर दें। यदि फिंगरप्रिंट वाली सुरक्षा आपके डिवाइस में है तो उसका प्रयोग करें।
18. नीलामी साइटों का प्रयोग सावधानी से करें।
अगर आप नीलामी साइटों पर सामान खरीदने और बेचने के शौकीन हैं तो इस प्रकार की साइटों पर पैसे भेजने के लिये जिस खाते का प्रयोग करते हैं उस बैंक खाते का पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें। अच्छा यह होगा कि इस प्रकार के सौदों के लिये एक अलग बैंक खाता रक्खे।
19. फेसबुक एकाउंट लौक रक्खें
फेसबुक पर प्रायवेसी सेटिंग समय समय पर बदलती रहती है। इस बात का ध्यान रक्खें कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी कहीं अनजान लोग न देख रहे हों। इसके लिये प्राइवेसी सेटिंग ‘केवल मित्र’ तक ही सीमित रक्खें।
20. याद रक्खें कि आप इंसान है।
ऊपर लिखे तकनीकी समधान आपको हैकिंग से बचा सकते है, पर ध्यान रक्खें कि ज्यादातर हैकर इंसानो की कमज़ोरी का ही फायदा उठाते है। आकर्षक प्रस्तावों पर बिना सोचे समझे क्लिक न करें। खुद सावधान रहें।
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अपने मैमोरी कार्ड को फ्री में 1 GB से 2 GB में ऐसे बदलें
अपने मैमोरी कार्ड को फ्री में 1 GB से 2 GB में ऐसे बदलें...
आपके स्मार्टफोन की मैमोरी फुल हो जाती है तो आप क्या करते है? यकीनन, एसडी कार्ड का सहारा लेते हैं और मैमोरी बढ़ाते हैं, कुछ एप्स या सॉफ्टवेयर्स को अनइंस्टॉल करते हैं या फिर बैकग्राउंड एप्स को बंद करते हैं और भी न जाने क्या-क्या जतन करते हैं, लेकिन अगर आपके कार्ड की मैमोरी ही सीमित हो, तो आप उम्मीद करते हैं काश! मैमोरी कार्ड ही ज्यादा मैमोरी वाला होता। अब परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि आज हम आपकी इस परेशानी का हल लेकर आएं हैं। आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिनकी हेल्प से आपका 1GB का मैमोरी कार्ड 2GB का बन जाएगा।
1.सबसे पहले मैमोरी कार्ड को अपने पीसी में लगाएं।
2.मैमोरी कार्ड के सारे डाटा का बैकअप कंप्यूटर में ले लें, क्योंकि आपको अपना मैमोरी कार्ड Format करना होगा।
3.अब मैमोरी कार्ड खाली होने के बाद, अपने कंप्यूटर में Skymedi सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।
4.इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद, यह एप ऑटोमेटिकली लांच हो जाएगा और दो ऑप्शन Fix और Cancel के साथ एक विंडो दिखाएगा। अब ड्रॉप-डाउन मेन्यु से आपको मैमोरी कार्ड ब्राउज करना है।
5.एक बार जब आप कार्ड की लोकेशन सेलेक्ट कर लें, तो Fix पर क्लिक करें, यह आपसे कंफर्मेशन के लिए पूछेगा, अब आपके Yes पर क्लिक करके कंफर्म करना है। मैमोरी कार्ड सेलेक्ट करने के बाद, एप्लीकेशन आपको लगभग 955MB का साइज दिखाएगा, ऐसा इसलिए होगा क्योंकि आपने 1GB मैमोरी कार्ड को इंसर्ट किया है।
6.इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, एप्लीकेशन आपसे मैमोरी कार्ड को अनप्लग करने के लिए पूछेगा। अब इसे बाहर निकाल लें और दोबारा इंसर्ट करें। अब आप देखेंगे कि मैमोरी कार्ड की स्टोरेज कैपेसिटी 2GB बढ़ गई है।
7.यदि आप मैमोरी कार्ड की स्टोरेज चेक करना चाहते हैं, तो आप My computer > Memory card > Select Properties पर जाकर क्लिक करें। आप देखेंगे की मैमोरी कार्ड का साइज 2GB हो गया है।
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Monday, 6 March 2017
अपने स्मार्टफोन को डेली 30 मिनट करे SWITCH OFF, मिलेंगे ये फायदे
Saturday, 4 March 2017
TOP 6 SMARTPHONES IN INDIA IN FEB 2017
i phone 7 plus
The Apple iPhone 7 Plus may look like the iPhone 6s Plus, but apart from the design it is an all new phone. There are two major update to the new iPhone. First the iPhone 7 Plus has a dual camera setup, which takes really good images and second, it is powered by the all new Apple A10 chip. The Apple A10 is supremely fast and leaves all Android competitors behind. Previous iPhone users will also notice the slightly different antenna lines and the addition of a taptic, non-tactile home button. The other big upgrade is the IP67 certification, which makes the device dustproof and water resistant. The day to day battery life is also very good. Specs: Display: 5.5-inch, 1080p SoC: Apple A10 Fusion RAM: 3GB Storage: 32/128/256GB Camera: 12MP + 12MP, 7MP Battery: 2900mAh OS: iOS 10.1
i phone 7
The iPhone 7 may not have the dual camera setup as the 7 Plus, but it does carry all the other features directly from the bigger phone. Apple has kept the design similar to last year’s model but changed the tech inside. Like the 7 Plus, the 7 also features the faster Apple A10 chip and the new 12MP rear camera. The display is also brighter and the home button is now non-tactile. The battery life has improved and Apple has also added stereo speakers to the phone. Specs: Display: 4.7-inch, 750p SoC: Apple A10 Fusion RAM: 2GB Storage: 32/128/256GB Camera: 12MP, 7MP Battery: 1960mAh OS: iOS 10.1
google pixel xl
After partnering with multiple phone makers over the years, Google has finally produced a smartphone which is made by Google through and through. Right from the software of the phone to the design, everything is done by Google. The Qualcomm Snapdragon 821 powered device is easily the best Android smartphone you can buy today. It offers a very familiar design and a superb 2K display. Google has also incorporated a brilliant camera on the phone which can easily stand against the likes of Samsung Galaxy S7 Edge and even the iPhone 7. If 5.5-inch is too large for you to handle, you can settle for the 5-inch Google Pixel. Specs: Display: 5.5-inch, 1440p SoC: Qualcomm Snapdragon 821 RAM: 4GB Storage: 32/128GB Camera: 12.3MP, 8MP Battery: 3450mAh OS: Android 7.1
samsung galaxy s7 edge
Samsung is the first company to bring its flagship smartphone to India. The phone maker has updated the specification sheet and refined the whole glass and metal design it introduced last year with the Galaxy S6 range. Also, the phone is now waterproof and allows microSD cards for upto 200GB. Samsung has employed an all new Exynos 8890 SoC on the new Galaxy S7 Edge which is among the fastest in the business. There is 4GB of RAM and the phone is available in 32GB of internal storage. The new flagship still features an AMOLED display with a 2560 x 1440p resolution but the screen size has been increased from 5.1-inches to 5.5-inches. This has enabled Samsung to increase the battery size from 2600mAh to 3600mAh which is increased the battery life dramatically. The biggest changes in the phone perhaps is the new 12MP dual-pixel camera which is able to good pictures even in low lighting conditions. Specs: Display: 5.5-inch, 1440p SoC: Exynos 8890 RAM: 4GB Storage: 32GB Camera: 12MP, 5MP Battery: 3600mAh OS: Android 6.0
i phone 6s
The iPhone 6s is ‘the best smartphone Apple currently makes. It has everything, you would require from a flagship phone. A good display, nice design, great performance and a very good camera. While the phone looks and feels similar to the iPhone 6, the biggest difference comes in the form of the camera. The 12MP camera offers one of the best image quality we have seen from a smartphone. Moreover, the new camera on the iPhone lets the phone shoot video in 4K. Another big update is the display, which now gets a 3D touch display. It is a pressure sensitive display and offers functionalities like peek and preview into an app without switching to it. The iPhone 6s is the fastest smartphone out there in terms of pure performance across intensive tasks like gaming and multitasking with heavy apps. Having said that, battery life is still average at best. Specs: Display: 4.7-inch, 750p SoC: Apple A9 RAM: 2GB Storage: 32/128GB Camera: 12MP, 5MP Battery: 1715mAh OS: iOS 10.1
samsung s7
Just like the Samsung Galaxy S7 Edge, the Galaxy S7 is also powered by an Exynos 8890 SoC and 3GB of RAM. What makes it different is the screen size and the overall design of the phone. Unlike the S7 Edge, the Galaxy S7 has a simpler candybar design, with materials used still being glass and metal. The 5.1-inch display is a Super AMOLED panel with 2560x1440-pixel resolution. This compact flagship smartphone offers the same camera setup as the S7 Edge, and hence, the image quality you get from the 12MP Dual Pixel camera is great. The 3000mAh battery will last you for a day on average, but if you happen to be a heavy user, the Galaxy S7 supports fast charging and wireless Qi charging standards. Specs: Display: 5.1-inch, 1440p SoC: Exynos 8890 RAM: 4GB Storage: 32GB Camera: 12MP, 5MP Battery: 3000mAh OS: Android 6.0
oneplus 3t
The OnePlus 3T is here and has grabbed the fourth position on our ‘best phones to buy’ quite easily. It is an all rounder and offers the best performance to price ratio, as long as flagship smartphones are concerned. This is the first time OnePlus has made an all metal smartphone and while the phone is reminiscent of the HTC one M9, it is still a very good design. The device is powered by one of the most powerful SoCs in the market, Qualcomm Snapdragon 821. The 16MP camera on the back does not disappoint either and offers PDAF as well as OIS support. Like most flagship devices, the battery isn't that great but it still manages to go on for a whole day on a single charge. Specs: Display: 5.5-inch, 1080p SoC: Qualcomm Snapdragon 821 RAM: 6GB Storage: 64/128GB Camera: 16MP, 16MP Battery: 3400mAh OS: Android 6.0.1